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इजलास में शम्भू थापा गरजे : विश्वास का मत पाने का आधार राष्ट्रपति के यहाँ होता है या कि आईसीसी हॉल में ?

पदमुक्त पीएम द्वारा विघटन किये जाने के कारण अंतरिम आदेश जारी होना चाहिए

person access_timeJun 09, 2021 chat_bubble_outline0

रातोपाटी संवाददाता
काठमांडू। वरिष्ठ अधिवक्त शंभु थापा ने पद मुक्त हो चुके प्रधानमंत्री द्वारा संसद विघटन किये जाने के कारण स्वाभाविक रूप में अदालत को अंतरिम आदेश जारी करना चाहिए, बताया।

नेपाली कांग्रेस के सभापति शेर बहादुर देउवा, नेपाल माओवादी केंद्र के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड', नेकपा एमाले के तत्कालीन नेता माधव कुमार नेपाल, जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव तथा राष्ट्रीय जनमोर्चा की दुर्गा पौडेल के साथ 146 निवर्तमान सांसदों द्वारा दायर किये गए रिट निवेदन के पक्ष में बहस करते हुए उन्होंने 'प्रतिनिधि सभा में पहुंचे बिना ही विश्वास का मत इसके द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता ऐसा राष्ट्रपति को नहीं कहना चाहिए का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- 'पद मुक्त हो चुके प्रधानमंत्री द्वारा संसद का विघटन किया जाता है इस कारण स्वाभाविक रूप से ही सर्वोच्च को अंतरिम आदेश देना चाहिए।

विश्वास का मत नहीं पा सकूंगा कहने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री के पद पर निरंतर नहीं रह सकता उन्होंने दोहराया । धारा 100 की उपधारा 3 में विश्वास का मत न पाने पर पद मुक्त होने का उल्लेख होने की बात करते हुए उन्होंने कहा विश्वास का मत न पाने पर वे पद मुक्त प्रधानमंत्री हैं।

इजलास में न्यायाधीश ईश्वर ख़ातिवाड़ा ने अंतरिम आदेश मांगने का आधार क्या है कहते हुए प्रश्न किया था ? थापा से आरम्भ में ही ईश्वर ख़तिवाड़ा ने पूछा- अंतरिम आदेश भी माँगा है उसका आधार क्या है ? जवाब देते हुए थापा ने कहा- पहली बात तो विश्वास का मत नले पाउँगा कहनेवाला प्रधानमंत्री पद मुक्त प्रधानमंत्री नहीं हो सकता। धारा 100 की उपधारा 3 के अनुसार विश्वास का मत न पा सकने पर पदमुक्त होने का उल्लेख किया गया है। विश्वास का मत नहीं पा सकूंगा कहने के बाद तो वे स्वतः ही पद मुक्त प्रधानमंत्री हैं।'

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