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सभामुख विरुद्ध का मुक़दमा संवैधानिक इजलास में

person access_timeApr 21, 2021 chat_bubble_outline0

काठमांडू। सभामुख अग्नि प्रसाद सापकोटा विरुद्ध डाले गए मुकदमे की सुनवाई संवैधानिक इजलास में होने जा रही है।

प्रधान न्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबरा नेतृत्व की संवैधानिक इजलास में दीपक कुमार कार्की, मीरा खडका, हरिकृष्ण कार्की और ईश्वर प्रसाद ख़ातिवाड़ा न्यायाधीश हैं।

इससे पहले फाल्गुन 30 गते 2076 में ये मुक़दमा पेशी पर रखा गया था। परन्तु देखे न जा सकने के कारण इसकी सुनवाई टली थी।

क्या है सापकोटा के विरुद्ध का मुक़दमा ?

सापकोटा पर काभ्रे के अर्जुन लामा में संलग्न होने का आरोप है। बैशाख 16 2062 में श्री कृष्ण मावि, दाप्चा में अभिभावक एकत्रीकरण के स्थल से लामा अपहरण का शिकार हुए थे। श्रावण के तीसरे सप्ताह गड्ढा खोदकर वहां लामा को जीवित ही पूर दिया गया था, उनकी पत्नी पूर्णिमाया ने 2064 साल में पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज नहीं की गई। उसके विरुद्ध पूर्णमाया के द्वारा सर्वोच्च में रिट डाली जाने के बाद 22 फाल्गुन 2064 में सर्वोच्च ने आदेश दिया तथा शिकायत को पंजीकृत किया गया।

परन्तु बाबूराम नेतृत्व की सरकार ने सापकोटा विरुद्ध की शिकायत को पेंडिंग में रखने का निर्णय किया। 

उसके विरुद्ध पूर्णमाया पुनः सर्वोच्च गई। सर्वोच्च ने निर्णय को कार्यान्वयन न करने का आतंरिक आदेश दिया।  ये मुक़दमा सर्वोच्च की संवैधानिक इजलास में विचाराधीन है। मुकदमे के विचाराधीन रहते ही सापकोटा के संचार मंत्री बनाने के बाद कनकमणि दीक्षित आदि ने सर्वोच्च में अदालत की अवहेलना मुक़दमा भी डाला था।

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