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लीडर में दूरदर्शिता की क्षमता होनी चाहिए : बाबूराम भट्टराई

person access_timeMar 06, 2020 chat_bubble_outline0

काठमांडू। पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने वाकई एक गंभीर बात कही है -"नेतृत्व में लगे व्यक्तियों के पास दूरदर्शिता का गुण होना चाहिए।'' होटल अम्बेस्डर के द्वारा शुक्रवार काठमांडू में किये गए एक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री भट्टराई ने बताया कि औरों के द्वारा किया गया काम ही करनेवाला व्यक्ति लीडर नहीं हो सकता ; लीडर में तो औरों से दूर तक देख सकने की क्षमता होनी चाहिए।

अधिक लोगों को पसंद आएगी ये सोचकर लोकप्रिय बात करनेवाला कभी भी सफल लीडर नहीं बन सकता। "लीडर तो औरों से दूर तक तथा औरों से पहले देखता  है। हमारे यहाँ औरों की पसंद के लिए पॉपुलिष्ट बातें करने का रिवाज है। ऐसा व्यक्ति लीडर नहीं है। लीडर को तो औरों से हटकर कुछ नई बात करनी चाहिए जो भले ही अनपॉपुलिस्ट हो पर तथ्य परक हो। सही साइंटिफिक बातें जिनसे देश और समाज का हित हो नेतृत्व में रहे अगुआओं को करनी चाहिए" नेता भट्टराई ने कहा।
 

उन्होंने कहा कि जब वे प्रधानमंत्री थे उन्होंने काठमांडू घाटी में सड़क का विस्तार करने की महत्वाकांक्षा के साथ निर्णय किया जिसका चारो तरफ से विरोध भी हुआ पर बाबजूद इसके अपने उस निर्णय के सही होने का स्मरण करते हुए उन्होंने फिर कहा कि नेतृत्व के व्यक्तियों के निर्णय, उनके उद्देश्य हमेशा ही देश
और समाज का हित करनेवाले होने चाहिए।


सकरी सडकों का विस्तार करके ट्रैफिक जाम का अंत करने के साथ ही शहर को सुन्दर बनाने की आकांक्षा के साथ किये गए निर्णय से इस होटल (होटल अम्बेसडर) को भी नुकसान पहुंचा पर बाबजूद इसके अभी इसकी नवसंरचना होने पर ये और भी अधिक खूबसूरत हो गया है, उन्होंने अपने उस कार्य को क्रिएटिव डिस्टिंक्शन की संज्ञा दी।


भट्टराई के प्रधानमंत्रित्व काल में कलंकी, त्रिपुरेश्वर, कोटेश्वर होते हुए तिलगंगा तक, त्रिपुरेश्वर लाजिम्पाट महाराजगंज होते हुए बूढ़ा नीलकंठ तक जानेवाला रास्ता और कमलपोखरी होते हुए विमानस्थल तक जाने के रास्ते के विस्तार के क्रम में इस होटल का भी कुछ हिस्सा तोड़ना पड़ा था।

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