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एक अचम्भा आखिर कहाँ गया जहाज और उसका पायलट? 42 साल से बना है रहस्य

person access_timeMay 17, 2020 chat_bubble_outline0

एजेंसी। कभी-कभी दुनियां में ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिनके रहस्य को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगने लगता है। आज हम आपको ऐसे ही एक रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका संबंध एलियंस से जुड़ा माना जाता है। यह घटना आज से 42 साल पहले की है, जिसके बारे में जो भी सुनता है, वो हैरान हुए बिना नहीं रहता है। इसे हवाई उड़ानों के इतिहास में सबसे अजूबा और कभी न सुलझने वाले राज के तौर पर जाना जाता है।


21 अक्तूबर, 1978 का वो दिन था। ऑस्ट्रेलिया के पायलट फ्रेडरिक वैलेंटिक सेसना-182 विमान से मेलबॉर्न से किंग आइलैंड (ऑस्ट्रलिया) के लिए उड़ान भरते हैं, लेकिन उनकी उड़ान हमेशा-हमेशा के लिए एक घटना बनकर रह जाती है, क्योंकि वो कभी अपने गंतव्य (किंग आइलैंड) पर पहुंचे ही नहीं। रास्ते में ही कहीं वो आसमान से ही विमान सहित गायब हो गए और कभी मिले ही नहीं।

वैलेंटिक ने शाम 7:06 बजे मेलबॉर्न हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र को रिपोर्ट किया कि एक अज्ञात विमान 4,500 फीट (1,400 मीटर) की ऊंचाई पर उसका पीछा कर रहा है। हालांकि कंट्रोल टॉवर द्वारा उन्हें बताया गया कि उतनी ऊंचाई पर किसी भी विमान के उड़ने की जानकारी उनके पास नहीं है। इस दौरान कंट्रोल टॉवर के अधिकारियों ने उनसे उस अज्ञात विमान के बारे में पूछा तो वैलेंटिक ने बताया कि ऐसा विमान उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा है। उसके नीचे हरे रंग की चार लाइटें लगी हैं, जो चमक रही हैं।


वैलेंटिक के मुताबिक, वो रहस्यमय विमान आकार में लंबा, लेकिन बनावट में पतला था, किसी सिगार की तरह। वैलेंटिक का जब दोबारा ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि वो अज्ञात विमान उनके ऊपर उड़ रहा है। इसके थोड़ी ही देर बाद वैलेंटिक का संपर्क कंट्रोल टॉवर से टूट जाता है और फिर कभी उनसे संपर्क नहीं हो पाया। किसी दुर्घटना की आशंका के चलते तुरंत हवाई बचाव दल को जांच-पड़ताल के लिए भेजा गया, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। न तो विमान का मलबा ही मिला और न ही पायलट। 


कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वैलेंटिक का विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर समुद्र में गिर गया होगा और वो जो लाइटों की बात कर रहे थे, वो उनके ही विमान का लाइट होगा, जो वो समुद्र के पानी में देख रहे होंगे। हालांकि इस बात के कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं। कुछ लोग तो यह भी मानते हैं कि वैलेंटिक के विमान के ऊपर उड़ रहा अज्ञात विमान एक यूएफओ था और उसी ने विमान सहित वैलेंटिक का अपहरण कर लिया होगा। हालांकि यह बात भी कभी सिद्ध नहीं हो पाई है, लेकिन जिस तरह से वैलेंटिक अपने विमान सहित गायब हुए और फिर कभी मिले नहीं, यह आज भी एक रहस्य ही बना हुआ है। 

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