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विचार/दृष्टिकोण

'श्रावण 3 गते कोई बड़ा षडयंत्र ही होनेवाला था, 22 लोगों को सलाम है' access_timeसाउन १२, २०७८

माधव कुमार नेपाल आज के कार्यक्रम में खड़े होकर बोलते हुए मुझे एक वर्ष पहले का स्मरण हो रहा है। पुष्पलाल स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में इसी भवन (तुलसी लाल स्मृति भवन) के निचले माले पर पुष्पलाल मिलन केंद्र ने इसी तरह कार्यक्रम किया था। उस समय नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी नेकपा ...

सत्ता में बने रहने के लिए बेईमानी पर बेईमानी access_timeसाउन ९, २०७८

रामनारायण बिडारी नेपाल के संविधान 2072 के अंतर्गत की धारा 76 की उपधारा (5) अपवाद धारा है। ये संसद विघटन से बचाने वाली धारा है। ये धारा संसदीय व्यवस्था वाले देशों में सीधे की नहीं लिखी है। ब्रिटेन में भी संसद विघटन के सम्बन्ध में प्रधानमंत्री को अन्तर्निहित अधिक...

देउवा की चुनौतियाँ- माधव का धोखा तथा ओली का पतन access_timeसाउन २, २०७८

पुरंजन आचार्य नेपाली कांग्रेस को जनता से 5 वर्षो तक प्रतिपक्ष में रहने का जनादेश मिला है। परन्तु परिस्थितियों ने शेर बहादुर को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया है। अब देउवा के सामने बड़ी चुनौती है। तीन-चार ब्लॉक को लेकर उन्होंने गठबंधन बनाया है। प्रचंड नेतृ...

क्यों न लगे राष्ट्रपति पर महाभियोग ??? access_timeअसार २५, २०७८

रमण श्रेष्ठ नेपाल के इतिहास में ही पहली बार एक ही कार्यकाल में दो-दो बार संसद विघटन करके बदनामी के पात्र बनने के जितने जिम्मेवार प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली हैं उतनी ही अहम् भूमिका राष्ट्रपति की भी हैं। इन लोगों द्वारा किये गए असंवैधानिक कामों से सम्बंधित मुक़दमा...

कोरोना का मचा तांडव मनुज हुआ लाचार access_timeअसार २१, २०७८

कोई दो साल से समाज में फैले कोरोना ने यूँ तो सीधे सीधे देखते हुए भी तांडव मचा रखा है। इकाई दही सैकड़ा की संख्या को पार करके इससे मरनेवालों की संख्या लाख नहीं लाखों में पहुँच चुकी है। ये ऐसी रणचंडी बनी संसार के चौराहे पर खड़ी है जो मानों की सदियों सदियों की...

शिक्षा मंत्री का नश्लवाद : कम्युनिस्ट के नाम पर कलंक access_timeअसार १७, २०७८

रातोपाटी अमेरिक के हारवर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर हेनरी लुइस काली जाती के हैं। घटना सं 2009 की है। वे कुछेक दिनों के लिए अपने घर से बहार कहीं गए हुए थे। घर वापस आने पर उनके घर का ताला नहीं खुला। उन्होंने घर के ताले को तोड़कर घर के अंदर घुसने का प्रयास...

केपी ओली में 'दुर्योधन प्रवृत्ति' access_timeअसार १०, २०७८

कमल रिजाल महाभारत में एक प्रसंग है। किसी ने उनकी गलती को इंगित करते हुए दुर्योधन से प्रश्न किया- 'क्यों आवश्यक काम न करके अनावश्यक उपक्रम करते रहते हो ?' उत्तर में उन्होंने मुस्कराते हुए कहा- 'क्या काम करना चाहिए ये भी मालूम है क्या काम नहीं करना चाह...

साम्राज्यवादियों के इशारे पर चल रही नेपाल की शिक्षा प्रणाली access_timeअसार १, २०७८

भऱत खत्री विश्व समुदाय इस समय वैज्ञानिक आविष्कारों से चमक रहा है। उत्पादन के क्षेत्र में हो या कि युद्ध के क्षेत्र में विकसित राष्ट्र में विज्ञान और प्रविधि का उच्चतम प्रयोग करते हुए हरेक दिन नए नए अविष्कार हो रहे हैं। ये लोग मानव जीवन को किस तरह सरल, सहज और सभ्य बनाना...

वातावरण और मानव अधिकार access_timeजेठ २४, २०७८

किरण कुमार बराम हमारे चारों और की सभी प्राकृतिक तथा मानव द्वारा सृजित परिवेश ही वातावरण है। ये विषय सभी की रूचि तथा सरोकार का विषय है। विश्व व्यापी रूप में विश्व वातावरण दिवस मनाये जा रहे होने के कारण वातावरण क्षेत्र में क्रियाशील व्यक्ति तथा संस्थाओं को विद्यम...

वर्तमान संकट का निवारण access_timeजेठ १७, २०७८

डॉ डिला संग्रौला (पंत)   वर्तमान में नेपाल मानवीय स्वास्थ्य तथ अराजनीतिक संकट से ग्रस्त है। कोरोना की दूसरी लहर और भी अधिक घातक होकर आई है। दिनानुदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है तो मृतकों की संख्या ने भी तीन अंकों को छू लिया है। इधर सरकार कोरोना...

संसद विघटन का मजाक : प्रतिगमन भाग- 2 access_timeजेठ १०, २०७८

'नेपोलियन बोर्नापार्ट का अठारहवा ब्रूमेयर' में कम्युनिष्ट गुरु कार्ल मार्क्स ने कहा है- ''कभी कभी इतिहास दोहरता है : पहले त्रासदी के रूप में फिर मजाक के रूप में।'' कार्लमार्क्स के नेपाली शिष्य द्वय केपी शर्मा ओली तथा विद्या देवी भंडारी ने मध्...

दास ढुङ्गा के 28 वर्ष : क्या फ़ाइल बंद ही कर दी गई? access_timeजेठ ५, २०७८

उषा न्यौपाने आज जेठ 3 गते नेकपा एमाले के तत्कालीन महासचिव मदन भंडारी तथा स्थायी समिति सदस्य तथा संगठन विभाग प्रमुख मेरे पिता जीवराज आश्रित के हृदय विदारक अवसान का दिन। दास ढुङ्गा कांड हुए 28 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन ये घटना एक दुर्घटना थी कि कोई षडयंत्र ? इसक...

वर्तमान राजनीति में देउवा की भूमिका access_timeजेठ ३, २०७८

सुरेश पौडेल अभी नेकपा एमाले का झगड़ा एक चक्कर लगाकर फिर जहाँ का वहीँ आकर आगे बढ़ा है। इस परिवेश में कांग्रेस सभापति देउवा की भूमिका कैसी होगी इस बात की फिर से पुष्टि हुई है। देउवा आरम्भ से ही कहते आये है कि नेकपा का ये झगड़ा पद के लिए है अतः इन लोगों के सा...

राजनीति बहुत हो गई, अब महामारी की तरफ ध्यान जाये access_timeजेठ १, २०७८

रातोपाटी काठमांडू। नए वर्ष 2078 के आने के साथ ही इस छोटे से देश में कोरोना महामारी का प्रकोप एकाएक चरम पर पहुंच गया। अभी देश में चारों तरफ से ऑक्सीजन के हाहाकार की खबरे ही मिल रही हैं। बीमारों को अस्पताल में उपचार न मिल पाने के कारण उन्हें अकाल में मृत्यु...

सम्पदा नंबर 1 : व्यक्ति कि धरहरा ? access_timeबैशाख २७, २०७८

'हमने साझा संकल्प किया तो धुल झाड़ता हुआ धरहरा फिर से उठ खड़ा होगा। '(11 जेठ 2072, नया पत्रिका) शायद इस विचार का लाक्षणिक अर्थ होगा। भग्न धरहरा को यहाँ एक प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिस की गई है। इसी कारण धूल झाड़ते हुए धरहरा के उठने का प्रसंग...

ओली देश और जनता के साथ खतरनाक खेल खेल रहे हैं access_timeबैशाख २३, २०७८

कोविड- 19 के कारण देश में गंभीर महामारी की स्थिति बनने की अवस्था है। अभी से ही देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, शैया तथा आवश्यक औषधियों का अभाव आरम्भ हो गया है। ये प्रारंभिक अवस्था है। अगर ये स्थिति बढ़ती गई तो कितनी ही भयानक अवस्था होगी ? इसे सोच पाना भी...

पश्चिम बंगाल जनादेशः ममता की सरकार तीसरी बार access_timeबैशाख २१, २०७८

एजेंसी। भारत के पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजों ने साबित कर दिया कि लालच, पैसे, झूठे वादों, ताकत या धमका कर सत्ता हासिल नहीं की जा सकती। सत्ता में वही आ पाएगा जिसे जनता चाहेगी। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी तीसरी बार सरकार बनाएं...

टूटती सांसों को जोड़ने वाली ऑक्सीजन गैस की खोज की दिलचस्प कहानी access_timeबैशाख १८, २०७८

प्राचीन समय में गैस का केवल एक ही रूप माना जाता था- वायु या हवा। वायु (Air) को भौतिक विज्ञान का विषय माना था तथा रसायन विज्ञानियों को इसमें कोई रुचि नहीं थी। वायु की धारणा के साथ मनुष्य का वास्ता सबसे पहले  बेल्जियम के वैज्ञानिक वान हेमोंट(1577- 1644) ने...

कोविइडियट access_timeबैशाख १७, २०७८

(डॉक्टर अव्यक्त अग्रवाल मेडिकल प्रेक्टिशनर है। पिछले एक वर्ष से कोविड का इलाज कर रहे है। स्वयं भी संक्रमित होकर बाहर आ चुके है। फेसबुक पर लेखों और वीडियो द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता सन्देश देते है।)   कोविइडियट आपके और मेरे परिवार में भी हो सकते है, मित्रों मे...

हिन्दू सेंटीमेंट को खींचते हुए प्रधानमंत्री केपी ओली, राप्रपा से खुलते एजेंडे access_timeबैशाख १३, २०७८

रातोपाटी काठमांडू। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी द्वारा जबरजस्त रूप में आगे बढ़ाया हुआ हिन्दुत्व का एजेंडा खिसकने की जैसी अनुभूति होने लगी है। राप्रपा के एजेंडे को एमाले अध्यक्ष कामरेड केपी ओली के द्वारा छीनने की चेष्टा किये जाने की बात करते हुए राप्रपा के नेता चिंता...