हिंदी संस्करण

खुशी..खुशी..खुशी..!!!

person access_timeMar 20, 2020 chat_bubble_outline0

ढूँढ रहा मन हर पल खुशियाँ
खुश रहने के रस्तों को
जन्मसिद्ध अधिकार सभी का
ढोने का इन बस्तों को

हम सनातन धर्मी अपनी अलग सोच अलग विचार के लिए भी जाने जाते हैं यूँ तो हम किसी भी विशेष दिन के इंतजार में रहते ही नहीं क्योंकि हमारी तो धारणा ही है पल पल को जिओ खुशी से जिओ हर पल कैसे जियो जैसे किया ये ही जीवन का अंतिम या फिर बिल्कुल ही पहला पल है कोरा सपाट जिस पर किसी प्रकार का कोई दाग, कोई धब्बा कोई चिंता कोई फ़िक्र नहीं। पर फिर भी सामाजिक परिस्थितियां, पारिवारिक दायित्व, व्यक्तिगत समस्याएं बिल्कुल वैसा करने नहीं देती।

....पर क्या फर्क पड़ता है अपने जन्मसिद्ध अधिकार का प्रयोग करने में !!! जो भी हों परिस्थितियां, जैसे भी हों हालात, कितनी भी हों व्यक्तिगत समस्याएं आखिर गुमसुम होने, रोनी सूरत बनाने से, शिकायत करने से ; इससे उन्हें न तो आपको छोड़ देना है और न ही आपसे किसी प्रकार की सद्भावना ही दिखानी है तो क्यों न हर हालत में खुश रहना सीखा जाय......

आज अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस मतलब आज का दिन ही खुशियों के नाम...माना कि कोरोना का त्रास फैला है, माना कि लोगों की जिंदगी में उथल पुथल मची है माना कि सम्पूर्ण समाज ही बड़ी उठा पटक से गुजर रहा है ; पर फिर भी थोडा सा खुश होने में, दूसरों को खुश करने में भला बुराई ही क्याहै ? वर्षों पहले मर्सी सिमोफ / कारोल क्लिन की एक किताब पढ़ी थी हैप्पी फॉर नो रीजन बड़ी रोचक किताब ; लेखिका द्वय ने अपने भारत और नेपाल के भ्रमण से प्रभावित होकर उस प्रभाव को एक कृति का रूप दे डाला। जिसमें मुख्य रूप से लेखिका का उद्देश्य है ये सन्देश देना था कि खुश रहने के लिए किसी भी प्रयोजन की आवश्यकता नहीं बिना किसी कारण भी खुश रहा जा सकता है।

हर वर्ष 20 मार्च को इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस 2020 को आप अपने जीवन में हैप्पीनेस लाने के लिए क्या करने जा रहे हैं इस बारे में जरूर सोचें। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाने का उद्देश्य यह है कि आप अपने नजरिए को इस तरह बदले कि आपके जीवन में खुशी का महत्व बढ़ता जाए। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे की शुरुआत करने वाले जेमी इलियन का मानना था कि किसी भी देश या समाज का आर्थिक विकास हो लेकिन उसे ज्यादा जरूरी है किो लोग खुश रहें। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाने का यह मतलब नहीं है कि आप सिर्फ आज के दिन ही खुश रहने की कोशिश कर सकते हैं। इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मानने का उद्देश्य यह है कि आप खुशी के महत्व को समझें। आइए जानते हैं इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे के बारे में कुछ खास बातें और खुशी का हेल्थ पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में।

हर साल International Day of Happiness की एक विशेष थीम होती है। इस बार की थीम है- “Happier Together”। यानी कि “एकसाथ खुश “। इस थीम का मकसद उन चीज़ों की ओर ध्यान देना है जो हम में एक जैसी हैं बजाए उसके जो हमें आपस में बांटती हैं। हर कोई खुश रहना चाहता है और जब हम साथ होते हैं तब ज़िन्दगी ज़्यादा खुशहाल होती है।

संयुक्त राष्ट्र की आम सभा ने 12 जुलाई 2012 को अपने प्रस्ताव 66/281 के तहत हर साल 20 मार्च को International Day of Happiness मनाने का ऐलान किया। यह प्रस्ताव समाज सेवी, कार्यकर्ता और संयुक्त राष्ट्र के विशेष सलाहकार रहे जेमी इलियन की अथक कोशिशों का परिणाम था। उन्होंने ही इस दिवस की अवधारणा और रूप रेखा बनाई। उनका मकसद एक ऐसा प्रस्ताव लाना था जो ख़ुशी की तलाश को मानवीय अधिकारों और बुनियादी लक्ष्य में शामिल कर सके। जेमी इलियन ने जब International Happiness Day का आइडिया दिया तब उन्हें संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन मुखिया बान की मून का भरपूर समर्थन मिला। यही नहीं यूएन के सभी 193 देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस प्रस्ताव को भूटान ने पेश किया। आपको बता दें कि भूटान एक ऐसा देश है जो 1970 से ही राष्ट्रीय आय की तुलना में राष्ट्र की खुशहाली को तरजीह देता आया है। 

International Happiness Day की स्थापना से 32 साल पहले जेमी इलियन एक अनाथ थे जिन्हें मशहूर समाज सेविका मदर टेरेसा की संस्था ने कलकत्ता की सड़कों से उठाया था। बाद में जेमी को एना बेल इलियन नाम कि एक सिंगल अमेरिकी महिला ने गोद ले लिया। जेमी यूएन के सलाहकार रह चुके हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली जैविक कारकों से जुड़ी है। इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए खुश रहना भी जरुरी होता है। हमारे आस-पास कई चीजें होती हैं जो खुशी और तनाव को नियंत्रित करती हैं। जिसके अनुसार हमारा शरीर प्रतिक्रिया देता है। स्वस्थ और खुश रहने के लिए भावनात्मक रुप से स्वस्थ रहना भी जरुरी होता है। व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के शरीर पर प्रभाव डालता है। इसलिए व्यक्ति को जीवन में चल रही चीजों का ध्यान रखना चाहिए। खुश रहना आपके इम्यून सिस्टम करने में मदद करता है। होली पर डायबिटीज रोगियों के लिए डाइट और स्किन केयर टिप्स।

आखिर क्या है यह International Happiness Day ? ज़ाहिर है यह खुश रहने का दिन है। हालांकि खुश रहने का कोई एक दिन नहीं होता लेकिन इंसानी ज़िन्दगी और सभ्य समाज में खुशाली कितनी ज़रूरी है यह दिन इसी की याद दिलाता है। साल 2013 से संयुक्त राष्ट्र हर साल इस दिवस को मनाता आ रहा है ताकि दुनिया भर में रह रहे लोगों की ख़ुशी के महत्व को ज़ाहिर किया जा सके। इसके अलावा यह दिवस समावेशी, न्यायोचित और संतुलित आर्थिक विकास की ज़रूरत पर बल देता है जिससे सतत तरक्की, गरीबी उन्मूलन और सभी की खुशहाली व सुख को सुनिश्चित किया जा सके।  

हम  पूर्वीय लोगों का तो सिद्धांत ही निराला है
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत

सो सब खुश रहो सबको खुश रखो खुश रहना हमारा अधिकार है।

कमेन्ट

Loading comments...