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सिर्फ एक बार सुनकर ही हर तरह का वाद्ययंत्र बजा लेता है दृष्टिहीन, न्यूरोसर्जन कर रहे उसके दिमाग की जांच

person access_timeMar 12, 2020 chat_bubble_outline0

अमेरिका के 18 साल के मैथ्यू व्हिटेकर जन्म से दृष्टिहीन हैं। बावजूद इसके वे दो साल की उम्र से पियानो बजा रहे हैं। मैथ्यू कुछ भी सुनकर कोई भी वाद्ययंत्र बगैर देखे बजा लेते हैं। खुद गीत बनाते हैं और उन्हें स्वरबद्ध करते हैं। कैनेडी सेंटर सहित कई मशहूर स्थानों पर 'परफॉर्म' कर वह कई अवॉर्ड जीत चुके हैं। उनके गीत  बहुत ही उम्दा किस्म के हैं।

मैथ्यू के टैलेंट को देखकर वैज्ञानिक और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. चार्ल्स लिंब आश्चर्य में पड़ गए। वे सोचने लगे कि इसके दिमाग में ऐसा क्या है, जिससे वह दृष्टिहीन होकर भी इस तरह 'परफॉर्म' कर लेता है, जिसे करने के लिए देख सकने वाले व्यक्ति को भी परेशानी होगी। डॉ. लिंब ने मैथ्यू के परिजन से अनुमति लेकर उसकी दो बार 'एमआरआई' की है। साथ ही उसके दिमाग की रीडिंग, मॉनीटरिंग करना भी शुरू कर दिया है।

डॉ. लिंब आश्चर्यचकित थे कि हमारे ब्रेन का वह भाग जो देखकर अध्ययन करता है, मैथ्यू के ब्रेन में वह पार्ट तब सक्रिय हो जाता है, जब वह संगीत सुनता है (विजुअल कार्टेक्स वह पार्ट होता है जो देखने वाली सारी 'इन्फॉर्मेशन प्रोसेस' करता है।) यानी कि सामान्य मनुष्य में देखकर 'इन्फॉर्मेशन प्रोसेस' करने वाला दिमाग का हिस्सा मैथ्यू के लिए संगीत समझने का काम कर रहा है। जिस 'म्यूजिकल नोट' के लिए 5 लोग चाहिए होते है मैथ्यू वह अकेला ही कर लेता है।

न्यूयॉर्क में दृष्टिहीन बच्चों के म्यूजिक स्कूल एम.डी.एगोस्टीनो ग्रीनबर्ग की निदेशक दालिया सकास ने बताया कि मैथ्यू जब पांच साल का था तब वह मां के साथ यहां आया था। उस रात वे कुछ 'परफॉर्म' कर रही थीं, जिसमें पांच लोग मिलकर वाद्य बजाते हैं। अगले दिन सुबह मैंने देखा कि मैथ्यू अकेला उस 'म्यूजिकल नोट'  पर 'परफॉर्म' कर रहा था। सिर्फ एक बार सुनकर उसने इतना मुश्किल काम अकेले किया। उसके बाद वह इस स्कूल का सबसे कम उम्र का छात्र बन गया।

मैथ्यू के एक परिजन ने बताया कि जन्म के बाद उसके बचने की 50 प्रतिशत संभावना ही थी। दो साल का होने तक उसके 11 बड़े आपरेशन हो चुके थे। जब वह थोड़ा स्वस्थ हुआ तो उसने अपनी प्रतिभा दिखाना शुरू कर किया और वह पियानो बजाने लगा। -एजेंसी

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