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छठ की तैयारी : जनकपुर और बीरगंज में सजाये गए घाट

person access_timeNov 20, 2020 chat_bubble_outline0

रातोपाटी संवाददाता

काठमांडू। हिन्दू धर्मावलम्बी विशेष रूप से तराई-मधेश में मनाया जानेवाला पर्व छठ। आज इसके अंतर्गत शाम को अस्त होते हुए सूर्य की पूजा की जाएगी।  

व्रत करनेवाले लोग षष्ठी के दिन शाम के समय जलाशय में स्नान करके ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं और दूसरे दिन यानि सप्तमी के दिन सुवह उदित होते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर, पूजा करके व्रत को समाप्त करते हैं। इस सभी कारणों से छठ को सूर्य की उपासना का पर्व भी कहा जाता है।  

अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर उसकी पूजा अर्चना करके रात भर नदी के घाट में रहकर, दीपक जलाकर, भजन कीर्तन आदि करने की भी परम्परा है। छठ की तैयारी के रूप में जलाशय, नदी के किनारे को खूब सजाया जाता है।  

जनकपुर की विभिन्न पोखरियों तालाबों को खूब सुन्दर सजाया गया है। इन सजे धजे घाटों पर प्रातः सवेरे से ही लोग पूजा सामग्री आदि लेकर जाने लगे हैं। 

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