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अंतरिक्ष में 6 महीने रहने मुकाम पर पहुँचे यात्री

person access_timeNov 17, 2020 chat_bubble_outline0

फ्लोरिडा-एजेंसियां। निजी अंतरिक्ष कंपनी 'स्पेसएक्स' (SpaceX) के चार अंतरिक्ष यात्री मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station) पहुंच गए हैं। यह नासा का पहला ऐसा मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजने के लिए किसी निजी अंतरिक्ष कंपनी के यान की मदद ली गई है। 27 घंटे की उड़ान के बाद 'स्पेसएक्स' कंपनी द्वारा निर्मित यान 'ड्रैगन कैप्सूल'  मंगलवार सुबह 'आइएसएस' पर पहुंचा। यात्रियों का यह दल आगामी अप्रैल तक यही रहेगा।
सोमवार सुबह तीन अमेरिकी और एक जापानी नागरिक को लेकर फाल्कन रॉकेट ने केनेडी अंतरिक्ष केंद्र फ्लोरिडा से उड़ान भरी थी।
इस ड्रैगन कैप्सूल यान को इसके चालक दल के सदस्यों ने वर्ष 2020 में दुनियाभर में आई चुनौतियों को देखते हुए 'रेसिलियंस' नाम दिया है।
यात्रा कमांडर माइक हॉपकिंस ने प्रक्षेपण से ठीक पहले कहा था- 'इस मुश्किल समय में मिलकर काम करके, आपने देश एवं दुनिया को प्रेरित किया है। इसलिए इस शानदार यान को 'रेसिलियंस' नाम दिया गया है'। स्पेसएक्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अरबपति व्यापारी एलन मस्क को कोरोना संक्रमित होने के कारण दूर से ही इस पर नजर रखने पर मजबूर होना पड़ा।


आज कैप्सूल के कक्षा में पहुंचते ही कैलिफोर्निया में स्थित स्पेसएक्स मिशन कंट्रोल में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर सफलता की खुशी मनाई। इस प्रक्षेपण से अमेरिका और अंतरिक्ष स्टेशन के बीच चालक दल के सदस्यों के बारी-बारी से आने-जाने की लंबी श्रृंखला की शुरुआत होगी। अधिकारियों ने कहा कि अंतरिक्ष प्रयोगशाला में अधिक लोगों के होने का मतलब है कि प्रयोगशाला में और भी अधिक वैज्ञानिक अनुसंधान होंगे।
अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरने वाले यात्रियों में अमेरिकी वायुसेना के कर्नल और अंतरिक्ष यात्री माइक हॉपकिंस, नौसेना कमांडर एवं अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर (जो अंतरिक्ष स्टेशन पर पूरे छह महीने बिताने वाले पहले अफ्रीकी-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री होंगे), भौतिक विज्ञानी शैनन वॉकर और जापानी अंतरिक्ष यात्री सोइची नोगुची शामिल हैं। 

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