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'खुद ही अपना उपचार कराओ' सरकार का ये निर्णय संवेदनहीनता की पराकाष्ठा

person access_timeOct 20, 2020 chat_bubble_outline0

काठमांडू। मानव अधिकार तथा शांति समाज द्वारा कोरोना संक्रमित होने पर अपने उपचार का प्रबंध नागरिक स्वयं को ही करना होगा सरकार का ये निर्णय गैर जिम्मेदारपूर्ण तथा संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, कहा है।  

नागरिकों के स्वास्थ्य उपचार के प्रति उदासीन सरकार कर्तव्य विमुख होते जाने पर सरकार के प्रति लोगों के मन में होनेवाला आक्रोश भी बढ़ते जाने और उससे गंभीर खतरा हो सकने के सम्बन्ध में समाज ने सरकार का ध्यानाकर्षण कराया है।  

संक्रमण के व्यापक होते जाने पर, मृत्यु दर के भी बड़ी मात्रा में बढ़ने लगने की गंभीर अवस्था में उपचार के लिए आवश्यक आईसीयू, वेंटिलेटर संपन्न अस्पतालों की संख्या में बृद्धि करना सरकार का प्रमुख दायित्व है की और भी समाज ने सरकार का ध्यानाकर्षण कराया है।  

'लॉकडाउन की चपेट में आने के कारण आर्थिक रूप से जीर्ण होते जा रहे नागरिकों के जीवनयापन के लिए हर संभव राहत के पैकेज़ लाने के समय में स्वास्थ्य उपचार की भी जिम्मेदारी न लेने का निर्णय करके सरकार ने चरम गैरजिम्मेदारी का नमूना पेश किया है।'
समाज द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया है- 'नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन के सवाल पर गंभीर होकर आवश्यक प्रवन्ध सहित की व्यवस्था करने के लिए मानव अधिकार तथा शांति समाज सरकार से विशेष आग्रह करता है।'

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