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नागरिकों में आतंक का सृजन करनेवाला निर्णय तुरंत वापस लो : वरिष्ठ नेता नेपाल

person access_timeOct 20, 2020 chat_bubble_outline0

काठमांडू। पूर्व प्रधनमंत्री एवं सत्तारूढ नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल ने कोरोना संक्रमित नागरिकों का निःशुल्क इलाज न किये जाने का निर्णय तुरंत वापस लेने का सरकार से आग्रह किया है।  

नागरिकों के उपचार के लिए हाथ खड़े कर देनेवाले निर्णय के कारण सरकार की चतुर्दिक विरोध के वातावरण के समय ही नेकपा के ही शीर्ष नेता ने इस निर्णय को बिना किसी ढीला सुस्ती के तुरंत वापस लेने का तथा जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने सुझाव दिया है।

संविधान तथा कानून के द्वारा जनता को छूत के रोग लगने पर उनका निःशुल्क इलाज किये जाने के मौलिक हक़ को सुनिश्चित की गई अवस्था में सरकारी निर्णय के द्वारा जनता के इस अधिकार का हनन न करने की और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है।  

खुद नेपाल द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में कहा गया है- 'संक्रामक रोग सम्बन्धी हमारे विद्यमान कानूनी प्रावधानों ने भी सरकार को ये दायित्व सौपा हैं, इस बात को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों का उपचार करने की वजाय कोरोना संक्रमण से त्रसित जनता में और अधिक आतंक का सृजन होने के हिसाब से किया गया विभेदकारी, गैर जिम्मेवार तथा जनता प्रति अनुत्तरदायी निर्णय को अविलम्ब वापस लेने की मैं सरकार से अपील करता हूँ।'

नेता नेपाल ने गरीब, असहाय और बेरोजगार नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनने के लिए भी नेपाल ने सरकार को सुझाव दिया है। नागरिकों का समान उपचार कराये जाने के दायित्व से सरकार विमुख नहीं हो सकती नेपाल का कहना है।  

'संकट के समय राज्य के अपने सभी नागरिकों के साथ रहने के समय में किया गया ये कठोर निर्णय बिलकुल ही अनुचित है। ऐसी महामारी के समय सभी नागरिकों का समान रूप से उपचार कराया जाना चाहिए अपने इस दायित्व से सरकार मुह नहीं मोड़ सकती।'  नेपाल ने आगे कहा है- 'उस पर भी गरीबी, आभाव और बेरोजगारी की मार को झेल रहे बेसहारा तथा आर्थिक रूप से बिपन्न नागरिकों की समस्या के सम्बन्ध में सरकार को अति संवेदनशील होना चाहिए परन्तु उसके विपरीत आचरण का दिखाना वास्तब में गंभीर चिंतन का विषय है।  

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