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लोकतंत्र के प्रति की निष्ठा के प्रति आशंका और भ्रम से विस्मित हूँ : प्रधानमंत्री ओली

person access_timeSep 19, 2020 chat_bubble_outline0

रातोपाटी संवाददाता
काठमांडू। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नया संविधान सभी के समाहित हो जानेवाला गतिशील दस्तावेज होने के कारण उसमें किसी भी प्रकार की आशंका और अस्पष्टता अगर है भी तो सरकार उसे दूर करने के लिए तत्पर है, बताया है।  

संविधान दिवस के अवसर पर शनिवार सैनिक मंच टुँडिखेल में आयोजित विशेष समारोह में सम्बोधन करते हुए प्रधानमंत्री ने उक्त बात बताई है। 'संविधान के सबके सामनेवाले दस्तावेज होने के कारण अगर उसमें किसी प्रकार की कोई कमी कमजोरी भी है तो सरकार उसे हटाने के लिए तत्पर है' प्रधानमंत्री ने कहा। सम्बोधन के क्रम में सरकार द्वारा किये गए कामकाजों की प्रस्तुति करते हुए प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र निरंकुशता का विकलप होने के कारण स्वयं के सरकार का नेतृत्व संभालने के बाद से ही किसी किसी के द्वारा सरकार और सत्तारूढ़ दल के लोकतंत्र प्रति की निष्ठा के सम्बन्ध में दिखाई गई आशंका और भ्रम को देखकर विस्मित हूँ, बताया।  

''लोकतंत्र जिधर जिधर जैसी जैसी हवा चलेगी उधर उधर वैसे वैसे ही बहनेवाली कोई प्रक्रिया नहीं है। लोकतंत्र विधि का शासन है। मर्यादित और अनुशाषित प्रणाली है'' प्रधानमंत्री का कहना है।

उन्होंने लोकतंत्र में आम संचार के माध्यमों की भूमिक बहुमत ही महत्वपूर्ण होती है कहते हुए उन्होंने शिकायत भी की कि संचार माध्यम अभी तक व्यावसायिक नहीं हो सके हैं। बौद्धिक जगत के लोगों को रास्ता विस्मृत होने तथा भटकने का अवसर नहीं होता, संकट के समय शोरग़ुलों से मानव का मन दुखित होने के कारण उस ओर ध्यान देने का आग्रह किया।  

कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा किये गए काम उत्साहजनक होने की बात कहते हुए कहा- नेपाल में कोरोना का पहला केस आने पर उसके परीक्षण के लिए नमूना विदेश भेजना पड़ा था, स्मृत किया, परन्तु अभी देश में ही 47 प्रयोगशालाओं का विकास करके प्रतिदिन 23 हजार तक नमूने टेस्ट किये जा रहे हैं उन्होंने दावा किया कि ये सरकार की बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने पहली बार चैत्र 11 गते से लॉकडाउन किये जाने के बाद से जन जीवन अभी तक सामान्य न हो सकने की बात कहते हुए उन्होंने बहुत सी विकास निर्माण के कार्य संपन्न न हो सकने की बात भी बताई।  

कोविड के कारण अन्य देशों में आर्थिक वृद्धि दर नकारात्मक होने पर भी इसके नेपाल में सकारात्मक होने की बात कहते हुए उन्होंने कोरोना के नियंत्रण में आने के बाद देश की आर्थिक अवस्था धीरे धीरे सामान्य होने के प्रति विश्वास व्यक्त किया।  

नेपाल के राष्ट्रीय झंडे का झण्डोतोल्लन करते हुए शुरू किये गए कार्यक्रम में राष्ट्रपति, उपरष्ट्रपति, सभामुख, राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष, मंत्रीजन, संवैधानिक निकाय के प्रमुख आदि की उपस्थिति थी। इस अवसर पर 2 हैलिकॉप्टरों की सहायता से संविधान दिवस तथा राष्ट्रीय दिवस 2077 अंकित बैनर प्रदर्शन तथा पुष्प वृष्टि की गई थी।

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