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भारत के साथ चल रहे सीमा विवाद का समाधान वार्ता और संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए : डा. भट्टराई

person access_timeJul 31, 2020 chat_bubble_outline0

रातोपाटी संवाददाता
लाहान। पूर्व प्रधानमंत्री तथा जनता समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ बाबूराम भट्टराई ने बताया है कि पडोसी देशों से व्यावसायिक लाभ उठाकर ही देश को समृद्ध किया जा सकता है। सिरहा के गोलबाजार नगरपालिका- 8 चोहारवा में आज आयोजित पार्टी प्रवेश कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ भट्टराई ने इस तरह अपने मंतव्य को व्यक्त किया।  

उन्होंने कहा कि पडोसी तथा मित्र राष्ट्रों को चिढ़ाकर देश को समृद्ध नहीं किया जा सकता। भारत के साथ पिछले समय से ज्वलंत रूप में सामने आई सीमा विवाद की समस्या को वार्ता और संवाद के माध्यम से दूर किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि मित्र राष्ट्रों-पडोसी राष्ट्रों को चिढ़ाकर नहीं अपितु उनके साथ मित्रता भाव का व्यवहार होना चाहिए।  

वर्तमान कम्युनिष्ट सरकार भ्रष्टाचारी की संरक्षक बनने का आरोप भी सरकार पर लगाया। नेता भट्टराई ने इस क्रम में सरकार पर भ्रष्टाचार के कांड ही कांड के अगुवाओं को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा- ''अभी जबकि सारा संसार ही कोविड महामारी कि विषम परिस्थिति से जूझ रा है ऐसे विषम तथा नाजुक समय में भी हमारे देश की सरकार भ्रष्टाचारियों का ही संरक्षण कर रही है।'' उन्होंने ये भी कहा- प्रधानमंत्री ओली की कार्यशैली के कारन इस अनाजुक दौर में संघीयता ही खतरे के कगार पर है।

जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा पूर्व उपप्रधानमंत्री उपेंद्र यादव ने पडोसी तथा मित्र राष्ट्र के सम्बन्ध में हमेशा ही चिढ़ाने के ढंग से उटपटांग ढंग से बोलने के कारण ही अब परराष्ट्र सम्बन्ध ही बिगड़ने लगे हैं। पूर्व संचारमंत्री राजकिशोर यादव, प्रदेश नं दो के आर्थिक मामला तथा कानून मंत्री विजय कुमार यादव आदि ने पडोसी राष्ट्रों के साथ सम्बन्ध सहज और सरल बनने की बात पर जोर दिया। विभिन्न पार्टी परित्याग करनेवाले नेता तथा कार्यकर्ता को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ भट्टराई, अध्यक्ष यादव आदि ने पार्टी में प्रवेश कराया था। 

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