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कोरोना और टिड्डी दल के त्रास के बीच भी लोगों ने मनाया आषाढ़ 15 का त्यौहार

person access_timeJun 29, 2020 chat_bubble_outline0

काठमांडू। आज आषाढ़ 15 विभिन्न कार्यक्रम करके देश भर में धान दिवस मनाया जा रहा है। ललितपुर के खुमलटार में भी कृषि विभाग, कृषि अनुसन्धान परिषद् ने औपचारिक कार्यक्रम का आयोजन करके ''रोपाइँ महोत्सव'' मनाया। कोरोना वायरस की महामारी और टिड्डी दल के आतंक के बीच भी किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किये जाने की बात आयोजक ने बताई है। कार्यक्रम में उपस्थित हुए राष्ट्रीय किसान आयोग के अध्यक्ष चित्र बहादुर श्रेष्ठ ने धन खेती के विकास के लिए उन्नत किस्म के धान के बीजों का प्रयोग करने का वातावरण अभी तक नहीं बन सका है, बताया। अभी भी तराई के 80 फीसदी भूभाग में पुराने किस्म के बीजों से ही रोपण कार्य हो रहा है, उन्होंने कहा। कृषि अनुसन्धान और किसान के बीच में बड़े गड्ढे के होने के कारण उन्नत किस्म के बीजों को किसान द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सका है, बताया।  

 

कृषि तथा पशुपन्छी विकास मंत्रालय के सचिव राजेंद्र प्रसाद भारी ने कृषि अनुदान की मॉडेलिटी में परिवर्तन करके बैंक से 5 फीसदी ब्याज में ऋण पाने, खाद तथा बीजों के दिए जाने की बात बताई। जोखिम न्यूनीकरण के लिए ''बाली तथा पशु पंछी'' बीमा प्रीमियम में 75 फीसदी अनुदान दिए जाने की बात बताई। उन्होंने कहा- कोरोना वायरस तथा टिड्डी के आतंक के बीच भी कृषि उत्पादन में लगने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेत में ही जाकर कार्यक्रम करने को उचित बताया।  

नेपाल कृषि अनुसन्धान परिषद् के कार्यकारी निर्देशक दीपक भंडारी ने नेपाल में विकसित हुए धान के बीजों के प्रयोग को बढ़ावा देने की बात कही। नेपाल में हर्दिनाथ हाइब्रिड एक और हर्दिनाथ हाइब्रिड तीन किस्म के धान का विकास हो चुकने के कारण इसके प्रयोग को ही बढ़ावा देने की बात कही। नेपालियों द्वारा परंपरागत रूप में ही धान दिवस के मनाये जाने की बात कहते हुए कहा कि ऐसे रिवाज किसानों का आत्मबल बढ़ाने में मददगार होते हैं। 

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