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विश्व तम्बाखू निषेध दिवस

person access_timeJun 01, 2020 chat_bubble_outline0

एजेंसी। 31 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सं 1987 में घोषित किया गया- विश्व तम्बाखू निषेध दिवस। शायद हर समय का समाज, हर समय के लोग ऐसे ही थे उन्हें अपने जीवन को चलाने के लिए जितनी मात्रा में भोजन की आवश्यकता होती है उतनी ही मात्रा में उसे कुछ ऐसे बार बार खाते रहनेवाले पदार्थों की भी दरकार होती है, जिसे पेट तो नहीं भरता पर मन को एक किस्म का सकूँन अवश्य मिलता होगा, ऐसे पदार्थों को सीधे ही मादक पदार्थ तो नहीं कहा जा सकता परन्तु व्यक्ति इन वस्तुओं का आदी अवश्य बन जाता है। 

 

किसी को सिगरेट पीने की आदत है तो कोई बीड़ी पसंद करता है, कोई तम्बाखू में चूना डालकर उसे खता है तो किसी को बनी बनाई विभिन्न किस्म की खैनी चाहिए, कोई पान पराग खाता है तो किसी को जर्दा गुटका आदि चाहिए। भले ही इन मादक पदार्थों का भी विज्ञापन दिया जाता हो परन्तु विज्ञापनों के बाद भी कहा जाता है कि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

 

अक्सर किसी फिल्म के शुरू होने से पहले या फिर टेलीविजन पर कुछ अंतराल पर एक संदेश आता है- धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पोस्टर, बैनर और दृश्य-श्रव्य माध्यमों के जरिए अक्सर तंबाकू निषेध के संदेश दिखाई देते हैं। इन्हीं जागरूकता अभियानों को बल देने के लिए दुनियाभर में 31 मई को नो टोबैको डे यानी विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले नुकसानों के बारे में जागरूक किया जाता है। तंबाकू का सेवन करना हमारे लिए किस तरह जानलेवा हो सकता है, इस बारे में लोगों को बताया जाता है।

 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस हर साल एक थीम के अनुसार मनाया जाता है। हर बार इसकी एक थीम निर्धारित की जाती है। जैसे कि इस बार तंबाकू निषेध दिवस की थीम है- 'युवाओं को इस इंडस्ट्री के हथकंडों से बचाना और उन्हें तंबाकू और निकोटीन के इस्तेमाल से रोकना।'

पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से साल 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। दरअसल, तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों की वजह से मृत्युदर में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे एक महामारी घोषित किया।

पहली बार सात अप्रैल 1988 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी स्थापना की वर्षगांठ पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) मनाया। बाद में इसके लिए एक तारीख निर्धारित की गई और हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाने लगा।

तंबाकू का सेवन करने से मुंह से बदबू आती है। 
तंबाकू के सेवन से दांत खराब होते हैं।
तंबाकू के सेवन से आंखें कमजोर होती हैं।
तंबाकू का सेवन करने से इंसान के फेफड़े खराब हो जाते हैं।
तंबाकू के सेवन करने से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
इसके सेवन से फेफड़ों और मुंह का कैंसर हो सकता है, जो कि जानलेवा हो सकता है।

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