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कारागार में कोरोना का त्रास

person access_timeMay 22, 2020 chat_bubble_outline0

रासस
नेपालगंज। बांके जिला कारागार में इसकी क्षमता से अधिक कैदी बंदी होने के कारण यहाँ कोरोना वायरस संक्रमण होने की संभावना बहुत अधिक हो गई है।  
कैदी बंदी के आचरण सुधार के लिए विसं 2000 में स्थापित ये कारागार अभी अपनी क्षमता से तीन गुणा अधिक कैदी बंदी को ढो रहा है जिसके कारण यहाँ कोरोना संक्रमण का जोखिम बहुत अधिक बढ़ा है। इसका नियंत्रण एक चुनौती बन रहा है।  

मानव बस्ती के बीच में अवस्थित इस कारागार के कारण बस्ती क्षेत्र में भी नागरिकों में संक्रमण का जोखिम बढ़ा है, जेलर देवेन्द श्रेष्ठ ने बताया। उन्होंने बताया कि 300 कैदी बंदी की कस्जमाता वाले इस कारागार में पर्याप्त कमरों के आभाव में 50 महिला पुरुष 748 और दो बच्चों के साथ यहाँ 800 कैदी रह रहे हैं। चारों और मजबूत चहारदीवारी न होने, कारागार का घनी बस्ती के बीच में होना और अपनी क्षमता से अधिक लोगों को प्रश्रय देने के कारण यहाँ सुरक्षा की चनौती भी बढ़ी है।

कारागार में कैदियों को मिलने के लिए 10 बजे से लेकर 4 बजे तक के समय में कारागार खुला रहता है। उस समय में कैदियों के परिवारवाले और रिश्तेदार उन्हें मिल सकते हैं। मिलने आनेवालों को सेनिटाइज करके मात्र कैदियों से मिलने दिया जाता है, जेलर श्रेष्ठ ने बताया।  

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