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सब के परिचित गुलशन कुमार

person access_timeMay 05, 2020 chat_bubble_outline0

जहाँ चाह वहां राह। कहते हैं न कि अगर व्यक्ति में कुछ करने का हौसला हो तो सारी प्रकृति उसकी संगिनी बन जाती है। निश्चय और संकल्प कोई भी बाधा नहीं आती। नहीं आती यानि कि व्यक्ति उनका मुकावला करता हुआ आगे निकल जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ स्वर्गीय गुलशन कुमार  के साथ।


नई दिल्ली। बॉलीवुड में अपने दम पर एक मुकाम हासिल करने वाले गुलशन कुमार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। दिल्ली का एक फल बेचने वाला एक आम पंजाबी परिवार का लड़का न केवल फिल्म निर्माता बना, बल्कि उनके जाने के बाद भी आज उनकी म्यूजिक कंपनी आज भी देश की सबसे बड़ी कंपनी है। आज गुलशन कुमार का जन्मदिन है। उनका जन्म 5 मई, 1951 को हुआ था। उनके पिता दिल्‍ली के दरियांगज इलाके में जूस बेचने का काम करते थे, और उन्‍होंने वहीं से ठेले पर कैसेट्स ऑडियो रिकॉर्ड्स बेचने का काम शुरू किया।


यहीं से उनके अंदर संगीत को लेकर दिलचस्पी जगी। इसके बाद उन्होंने आगे चलकर अपने व्‍यवसाय को और बढ़ाया और सुपर कैसेट इंडस्‍ट्रीज के नाम से अपनी कंपनी शुरू की। बाद में उन्‍होंने दिल्‍ली से सटे नोएडा में एक म्‍यूजिक कंपनी खोली और 1970 के दशक में बेहतरीन क्‍वॉलिटी के संगीत कैसेट बेचने के कारोबार को फैला दिया। आज हम इस खास मौके पर जानते हैं गुलशन कुमार की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें।


गुलशन कुमार का पूरा नाम गुलशन कुमार दुआ है। उनका जन्म दिल्ली के पंजाबी परिवार में हुआ था। गुलशन कुमार अपने पिता चंद्र भान दुआ के साथ दिल्ली के दरियागंज में जूस की दुकान में उनका साथ देते थे। कुछ समय बाद उन्होंने यह काम छोड़ दिया और दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान खोल ली जहां पर वह सस्ते दाम में गानों की कैसेट्स बेचा करते थे।


देखते ही देखते गुलशन कुमार का ये काम आगे बढ़ गया और उन्होंने नोएडा में 'टी सीरीज' नाम से म्यूजिक कंपनी खोल ली। बस फिर क्या था इसके बाद गुलशन कुमार ने दिल्ली से मुंबई का रुख किया और वह वहां मुंबई चले गए। बता दें कि वह बेहतरीन फिल्म निर्माता के साथ ही एक शानदार सिंगर भी थे। उन्होंने ढेर सारे भक्ति गाने गाए जिन्हें लोग आज भी खूब पसंद करते हैं। गुलशन कुमार की आवाज में भक्ति संगीत 'मैं बालक तू माता शेरा वालिए' को लोगों ने हमेशा पसंद किया है। 

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