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विश्व के सबसे महान वैज्ञानिक एडिसन

person access_timeFeb 11, 2020 chat_bubble_outline0

आज संसार के महान आविष्कारक थामस एल्वा एडीसन का जन्मदिन है।

थॉमस एल्वा एडिसन का जन्म 11 फ़रवरी 1847 को हुआ था । एवं उनकी मृत्यु  18 अक्टूबर 1931 में  हुयी थी।

एडिसन अपने ज़माने के एक  महान अमरीकी आविष्कारक एवं व्यवसायी थे। एडिसन ने अपने जीवन में फोनोग्राफ एवं विद्युत बल्ब सहित अनेकों प्रविधियां एवं जीवन उपयोगी आविष्कार किये । उनके  वैज्ञानिक आविष्कारों से विश्व भरके लोगों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आने के साथ साथ उनके जीवनयापन में सुविधाओं का अम्बार लगा । मेन्लो पार्क के जादूग- के नाम से विख्यात अत्यधिक  मात्रा में उत्पादन के सिद्धान्त रचना करने वाले  एडिसन अनुसन्धान कार्य हेतु बहुत बड़ी टीम के साथ अन्वेषण एवं अनुसन्धान कार्य संपन्न करने/ कराने वाले दुनिया के पहले वैज्ञानिक थे। एडिसन को ही संसार की  पहली औद्योगिक प्रयोगशाला स्थापित करने का श्रेय प्राप्त है। अपने जीवन में 1093 पेटेन्ट अपने नाम लिखवाने वाले एडिसन की गणना विश्व के सबसे महान आविष्कारक के रूप में की जाती  हैं।

महान् आविष्कारक थॉमस  ऐल्वा एडिसन का जन्म सयुंक्त राज्य अमेरिका के ओहायो राज्य के मिलैन नगर में 11 फ़रवरी सन 1847  को हुआ । एडिसन बचपन से ही अति  कुशाग्र, जिज्ञासु प्रवृत्ति और अध्यवसायी थे । इनकी प्रारंभिक शिक्षा घर में  ही  हुयी । छह वर्ष की आयु तक इनकी माता ने इन्हे घर में  ही पढ़ाया । इस महान वैज्ञानिक के बारे में यह जानकार किसी को  भी आश्चर्य होगा कि इनका स्कूली जीवन सिर्फ तीन माह का रहा था ।  स्कूली जीवन के अभाव के बाबजूद  एडिसन ने ह्यूम, सीअर, बर्टन, तथा गिबन जैसे महान लेखकों के जटिल एवं गूढ़  ग्रंथों एवं डिक्शनरी ऑफ  साइंसेज़- को अपने 10वें जन्मदिन तक आधोपान्त पढ़ डाला था।

12 वर्ष की आयु में ही एडिसन फलों और अखवारो का व्यवसाय कर  अपने  परिवार को प्रति दिन एक डालर की कमाई सहायता के रूप में देने लगे थे । वह रेल में अपना व्यवसाय करते थे । इसके उपरान्त तार प्रेषण में निपुणता प्राप्त कर 20 वर्ष की आयु तक उन्होंने तार कर्मचारी के रूप में कार्य किया । जीविकोपार्जन हेतु कार्य करना उनकी बाध्यता थी, लेकिन उनके अंदर की अन्वेषक प्रवृति इतनी  तीव्र थी कि  नौकरी के  सेवा समय के अतिरिक्त के अपने बचेखुचे समय को उन्होंने प्रयोग और परीक्षण में समर्पित किये रखा ।

सन 1869 में एडिसन ने अपने पहले  आविष्कार "विद्युत् मतदानगणक" को पेटेंट कराया। इस सफलता के बाद उन्होंने  नौकरी त्याग  प्रयोगशाला में आविष्कार करने का दृढ निश्चय किया । यही निर्णय उनके जीवन का ‍मील का पत्थर बना । हालांकि यह निर्णय लेना उनकी आर्थिक अवस्था के अनुकूल नहीं था । पर दृढ निश्चयी युवा एडिसन ने अपनी विपन्न  आर्थिक अवस्था के बाबजूद अदम्य आत्मविश्वास धारण कर अपने जीवन की धारा को बदलने का संकल्प उठाया  ।

सन 1870-76  के बीच एडिसन ने अनेको  आविष्कार किए। एक ही तार पर अलग अलग  चार - छ संदेश भेजने की प्रविधि खोजी । ‘स्टाक एक्सचेंज’ के लिए तार छापने की स्वचालित मशीन को परिमार्जित किया तथा बेल नामक  टेलीफोन यंत्र का आधुनिकीकरण  किया।

एडिसन ने सन 1875  में ‘सायंटिफ़िक अमेरिकन’ जर्नल में ‘ईथरीय बल’ पर शोधमूलक  लेख लिखा । सन 1878  में उन्होंने अपने द्वारा बनाई गयी फोनोग्राफ मशीन पेटेंट करवाई । वर्तमान युग तक आते आते अनेको बार , अनेको व्यक्तियों के, अनेको  सुधार प्रयासों के बाद फोनोग्राफ मशीन आधुनिक रूप में  हमारे सामने है ।

उस  21 अक्टूबर सन 1879 की  विस्मयकारी घटना को भला विश्व कैसे भूल सकता है । मानवता के इतिहास में इस दिन का महत्व स्वर्ण अक्षरों में  अंकित है । इसी एक दिन वा इसी एक आविष्कार ने एडिसन के नाम को वर्तमान सभ्यता के अंतिम दिन तक अमर रहने का सौभाग्य प्रदान किया। इस दिन एडिसन ने बिजली से जलने वाले बल्ब को विश्व समक्ष प्रस्तुत  किया था ।

1883 में उन्होंने  ‘एडिसन प्रभाव’ की खोज की, जो कालांतर में जाकर वर्तमान रेडियो वाल्व का सूत्रधार  सिद्ध हुआ। अगले कुछ वर्षो में एडिसन ने प्रकाश, उष्मा और शक्ति का उपयोग करने के  लिए विद्युत् के विभिन्न उत्पादन तथा विद्युत् प्रसारण एवं वितरण प्रणाली के साधनों और विधियों पर अनेको प्रयोग एवं आविष्कार किए ।

विद्युत वितरण हेतु भूमि के नीचे से नेटवर्क बनाने के लिए केबुल का निर्माण किया । इसके लिए विद्युत् के तार को रबड़ और कपड़े में लपेटने की पद्धति विकसित की । डायनुमा  और चालित मोटर में अनेको सुधार किए । यात्रियों और माल ढोने के लिए विद्युत् रेलगाड़ी तथा चलते जहाज से संदेश भेजने और प्राप्त करने की विधि का आविष्कार किया। बैटरी का आविष्कार भी एडिसन के नाम पर दर्ज है । लौह अयस्क को चुंबकीय विधि से उपयोग करने के पहले पहले  प्रयोग भी इनके ही खाते में जाते है ।

सन् 1891 में एडिसन ने दुनिया को एक और बड़ी सौगात दी । इस वर्ष इन्होने चलचित्र कैमरा पेटेंट कराया एवं इन चित्रों को प्रदर्शित करने के लिए किनैटोस्कोप का भी आविष्कार किया।

Title Photo: https://clickamericana.com

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